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मी़डिया और कॉम्पीटिशन के दौर में छात्र अपनी क्षमता बढाएं : फैसल अब्दुल हकीम मदनी

इस्लामिया नूर बाग कोसा विश्वविद्यालय के कार्यक्रम का दृश्य

जामिया इस्लामिया नूर बाग कोसा में वार्षिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को समाज सेवा के लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

कोसा: (अब्दुल अल-बारी शफ़ीक)आज के भौतिकवाद और उत्पीड़ित समाज में हमें यानि (उम्मते मुस्लिमा) को जहां एक तरफ इस्लामी शिक्षाओं को अपनी जिन्दगी में उज्जवल करने के लिए कुरान और हदीस का अध्ययन करना चाहिए, तो दुसरी ओर आज की स्थिति के संदर्भ में समकालीन शिक्षा पर भी जोर देना चाहिए खास तौर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सलाहियतों को बढाने की कोशिश करना चाहिए,क्योंकि आज देश और समाज में मीडिया का दुरुपयोग किया जा रहा है झूठ को सच और सच को झूठ बना कर परोसा जा रहा है। इसलिए हमारी यह जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष होकर मीडिया का उपयोग करें और हमारी युवा पीढ़ी को भ्रामक मीडिया के जाल में फसने से बचाएं। यह विचार फैसल अब्दुल हकीम मदनी ने छात्रों को संबोधित करते हुए रखें जो इस्लामिया नूरबाग कोसा मुंब्रा के पूर्व छात्र, तीसरे प्रतिस्पर्धी और जमात-अल-नौरिन के अध्यक्ष है।

उन्होंने आगे कहा कि,”हमें हार नहीं माननी चाहिए हमे ईमानदारी के साथ दीन और दुनिया की शिक्षा हासिल करेंगें तो कामयाबी हमारे कदम जरुर चूमेगी।

एक कहावत है कि “जो बढ़ कर खुद उठा ले हाथ में मीना इसी का है।”

रोजनामा राष्ट्रीय सहारा मुम्बई और ग्लोबल सहारा चैनल के प्रमुख सैयद हुसैन शम्सी ने जमाअत के छात्रों के सामने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आप इस कौम का भविष्य है, आप लोग महान और अद्भुत है।आपके पास बहुत अधिक क्षमता है अपने आप को कम नही आंकना चाहिए, हमेशा अपने जुनून को उँचा रखें और परिश्रम के साथ ज्ञान प्राप्त करें और विशेष रुप से पत्रकारिता के क्षेत्र में जरुर शिक्षा हासिल करें। दैनिक समाचार पत्रों-पत्रिकाओं जिसमें आपकी रुचि हो दिल लगा कर साहित्य का अध्यनन करे और खास तौर पर अपने शिक्षकों का आदर कीजिए। मदरसे के जिम्मेदारों का धन्यवाद देते हुए अनुरोध किया आज के इस अशांत युग में मदरसों में मी़डिया और पत्रकारिता की शिक्षा पर विशेष रुप से ध्यान देने की जरुरत है ताकि छात्र भाषा को विकसित करके पत्रकारिता के सिध्दांतों का सही तरह से उपयोग कर सकें। सोशल मीडिया पर कुछ भी साझा करने से पहले जांच पड़ताल कर लें। विश्वविद्यालय की मासिक पत्रिका के अल-नूर के लॉन्च पर खुशी व्यक्त करते हुए जिम्मेदारों को धन्यवाद दिया।

मुम्बई के प्रसिध्द पत्रकार दैनिक समाचार “मईशत” के एडिटर दानिश रियाज़ ने जमाअत-नोरिन के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप वो खुशनसीब लोग है जो दीन और दुनिया दोनों की तालीम एक साथ हासिल कर रहे है मैं भी आपकी तरह ही मदरसे से शिक्षा प्राप्त छात्र हूँ। अपने अनुभवों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मदरसे के छात्र बहुत होनहार, बुध्दिमान और ऊर्जावान होते है। आप लोग अपनी सलाहियतों को कुछ अलग ढंग से पेश करे, जमाने की परम्परा को भूल जाएं कुछ नया करने की कोशिश करें। पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुत मेहनत करते हुए अपनी सलाहियत के अनुरुप खबरों को बेहतर और सही ढंग से प्रस्तुत करने की शैली विकसित करें, लेख लिखने की कोशिश करें ताकि क्षमताओं में सुधार हो।अपने जुनून के अनुसार पुस्तके पढे और किसी एक कला-क्षेत्र में माहिर हों। कुरान और हदीस की शिक्षा का पैगाम जुबान और कलम के जरिए पूरी दुनिया तक पहुँचाने की कोशिश करें इसी में दुनिया और आखिरत की कामयाबी है।

सम्मान प्राप्त छात्रों ने भी अपनी राय का इज़हार कर मेहमानों को प्रभावित किया। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों ने भी अपनी बहुमूल्य टिप्पणियों के जरिए छात्रों को लाभान्वित किया। श्री हुसैन शम्सी और दानिश रियाज को पत्रकारिता के क्षेत्र के लिए तथा इकबाल चौधरी, अबुहुरेरा खान और अतीक रहमान को समाज-सेवा के लिए जमीयत उल नौरीन के अध्यक्ष अब्दुल हकीम मदनी के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। मौलाना शफीक नूरी मदनी ने दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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