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सकारात्मक सोच से ही सेहतमन्द समाज का निर्माण संभव

इत्तेहाद बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के प्रबंध साझेदार शब्बीर खान।

व्यापार के साथ साथ शिक्षा, खेलकूद और मार्शल आर्ट के क्षेत्र में मुंब्रा को आदर्श क्षेत्र बनाने के लिए शब्बीर खान प्रतिबद्ध है। मईशत मी़डिया के मैनेजिंग एडिटर दानिश रियाज़ ने बातचीत में यह जानने की कोशिश की , कि क्या चीज़ यहां के नौजवानों में उत्साह पैदा कर सकती है?

थाने से आते समय यदि आप हाईवे का मार्ग अपनाते है तो यकीनन आप मुंब्रा की शानदार पड़ाहियों का नज़ारा ज़रुर करेंगे और जैसे ही आप कोसा की तरफ रुख करेंगे तो निश्चित रुप से आपकी गाड़ी की गति धीमी हो जाएगी, आप की नज़रे एस.के. रेसीडेन्स की खुबसूरत इमारतों पर ठहर सी जाएगीं और पहाड़ी की गोद में बसा हरा-भरा नज़ारा और हवा के झोकें आपको ज़रुर ताज़गी प्रदान करेगें और यदि आप फ्लैट खरीदने के इच्छुक है तो आप इत्तेहाद बिल्डर्स के पास जाना अपनी ज़रुरत समझेंगे। दिलचस्प बात यह है कि अगर आप थके हुए है और सुकून के दो पल गुज़ारने के लिए कार्यालय में जाते है तो बिना किसी जाँच पड़ताल के आपका एक गिलास पानी और चाय के साथ स्वागत किया जाएगा।

उसके बाद ही आपका आने का मकसद पूछा जाएगा। वास्तव में, यही मेजबानी का तरीका आजमगढ़ और शब्बीर खान को दुसरों से अलग करती है, इत्तेहाद बिल्डर्स के साथ जुड़ना लोग अपनी खुशनसीबी समझते है।

जन्म और शिक्षा

सन् 1969 में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के गोछा गाँव में जन्मे शब्बीर खान के पिता जी सिराजुद्दीन एक पान का दुकान चलाकर अपने पांच बेटे और 3 बेटियों की परवरिश की। मध्यम वर्ग के परिवारों के जीवन में आने वाली सभी कठिनाईयों का आपने भी सामना किया। तंगदस्ती और परेशानियों के बावजुद पिता जी ने सभी बच्चों को दीनी तालीम के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी दिलवाई।

शब्बीर खान ने प्रारंभिक शिक्षा नागपाड़ा के म्युनिसिपल स्कूल से प्राप्त की और फिर साबू सिद्दीक से सिविल इंजीनियरिंग करने के साथ साथ घर वालों ने परम्पराओं के अनुसार 26 जनवरी 1990 में शादी कर दी। जिम्मेदारी को निभाने और कमाने के लिए सउदी अरब का रुख किया फिर 14-15 साल वहां गुजारने के बाद मुम्बई वापिस आ गया।

यह एक तथ्य है कि आजमगढ़ के निवासियों को खाड़ी देश में जिन्दगी गुजारने का शौक होता है। बहुत कम लोग वहां से वापसी का रुख करके यहां व्यवसाय शुरु करते है जबकि ज्यादातर लोग अपना पूरी जिन्दगी वहां नोकरियों के लिए गुजार देते है।

एक लेबर के रुप में की करियर की शुरुआत

शब्बीर खान कहते है,’ मेरा करियर एक लेबर के रुप में शुरु हुआ बाद में जिम्मेदारियां बढती गई और मेरी कोशिश होती कि बेहतर से बेहतर काम करुं ताकि अच्छा वेतन मिल सके। जब लोगों को मेरे काम से संतुष्टि मिलने लगी तो मेरी प्रतिभा ओर निखरने लगी साथ ही जिम्मेदारियों का बोझ ओर बढ़ने लगा आखिरकार मुझे ब्रिकी विभाग में पोस्टिंग दे दी गई।

घर वापसी का इरादा

मेरी तनख्वाह 9000 रियाल थी जिससे एक पुरसुकून जिन्दगी गुजारी जा सकती थी लेकिन मुझे फिर यह ख्याल आया कि जब विदेश में रह कर जहां संस्कृति, भाषा और बहुत सारी भिन्नताएँ के बावजूद में यहां रहकर अपनी काबिलियत दिखा सकता हूँ तो फिर अपने वतन जाकर क्यों नहीं, बस यही ख्याल दिमाग में घर कर गया।

मुंब्रा से की पहले स्टार्ट-अप की शुरुआत

मैं 2009 अपने वतन मुम्बई वापिस आ गया। यहां आने के बाद मैंने 2 महिनों तक अलग अलग व्यवसायों का अध्ययन किया और आखिरकार मैंने मुम्बरा में शिफ्ट होकर व्यवसायिक जीवन शुरु किया क्योंकि मुम्बरा मेरा सुसराल भी था और मेरे करीबी दोस्त आदिल खान आजमी भी यही से है।’

खरड़ी रोड में ग्लोरियस पार्क निर्माण करने वाले शब्बीर खान मईशत को बताते है कि मुंब्रा में पहला काम मुझे रोताड़ा मार्केट को विकसित करने का मिला था जो मेरे कारोबारी जीवन का पहला स्टार्ट-अप था। फिर मकानात निर्माण का कार्य शुरु हो गया फिर 26 जनवरी 2017 में खरड़ी रोड पर ग्लोरियस पार्क के निर्माण कर अपने हुनर का लोहा मनवा लिया। लोग इसकी मिसाल देते है। बेशक एक कम आबादी वाले इलाके में इस शानदार प्रोजेक्ट ने शब्बीर खान के हौलसे को बुलन्द किया और इसके बाद उन्होने एसके रेजीडेंसी का कारोबार संभाल लिया।

शिक्षा के क्षेत्र में अल-सिराज एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट हो या आधुनित शिक्षा वेलफेयर ट्रस्ट में अध्यक्षता की बात हो या फिर खेल के मैदान में दी लीजेंड ऑफ ऑल मार्शल आर्टस एसोसिएशन हो या विश्व बोडो मार्शल आर्ट इन सभी ट्रस्ट में सह कार्यकर्ता की हैसियत रखते है। शब्बीर खान टीआरएफ रोटरी क्लब ऑफ मुंब्रा एलिट के भी अध्यक्ष है जिसकी वजह से इनकी एक विशिष्ट पहचान है।

व्यायाम से सकारात्मक ऊर्जा का संचार

मईशत से बातचीत के दौरान शब्बीर खान बताते है कि बचपन से ही खेलकूद में काफी दिलचस्पी थी लेकिन वक्त और हालात ने इस ख्वाहिश को परवान नहीं चढने दिया लेकिन अब मुंब्रा के नौजवानों के लिए चाहता हूँ कि अगर कोई खेलने की क्षमता रखता है तो उसे परवान जरुर चढाए क्योंकि एक स्वस्थ समाज स्वस्थ नागरिकों से ही बनता है। और तंदुरुसती के लिए कसरत बहुत जरुरी है इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। किसी पर जबरदस्ती से अपनी राय नहीं थोपना चाहिए यह एक स्वाभाविक गुण है हमें बस निखारने की जरुरत है। यही वजह है कि मैं मुंब्रा के स्पोटर्स क्लब का उपाध्यक्ष होने के नाते वॉलीवॉल को बढावा दे रहा हुँ।

सामाजिक सुधार की जरुरत

शब्बीर खान शारीरिक विकास के साथ सामाजिक विकास के प्रति भी उत्तरदायी है आगे बताते है कि मुसलमानों में पुलिस औऱ प्रशासन की छवि को जनता के अनुरुप बनाना एक सामाजिक आवश्यकता है साथ ही पुलिस के अन्दर भी यही भावना पैदा करना कि मुस्लिम समाज की हिफाजत करना भी पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है। सन् 2014 में पुलिस बल के विभिन्न अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुझे इस बात का एहसास हुआ कि हमें समस्याओं को हल करने की कोशिश करना चाहिए,मैंने पुलिस मैराथन में भी भाग लिया और उन्हें करीब से जानने और समझने की कोशिश की और महसूस किया यह एक स्थायी काम है और हमें कोशिश करते रहना चाहिए।

मुंब्रा को मिलेगी एक नई पहचान

यह मानव स्वभाव है कि जब भी कोई व्यक्ति अच्छा काम करता है तो प्रचार भी करना चाहता है लेकिन शब्बीर खान का व्यक्तित्व इन सब से परे है। यही वजह है कि जब मुंब्रा के कोसा के कब्रिस्तान के मामले ने तूल पकड़ा जहां सभी दल राजनीति कर अपनी रोटियां सेक रहे थे वही शब्बीर खान ने इन सब से परे दोला गांव में आठ एकड़ जमीन पर कब्रिस्तान का निर्माण कर दिया। आगे बताते हुए कहते है कि मुझे इस बात का एहसास हो गया था कि यहां की आबादी लगातार बढ़ रही है और कब्रिस्तान जैसे मसले से दो चार होना होगा बस यही सोच कर इसका निर्माण किया।

जिस तरह से शब्बीर खान का सहयोग और योगदान मुंब्रा के अच्छे कामों में रहेगा यकीनन मुंब्रा को एक नई पहचान मिलेगी।

एस.के.रेसीडेन्सी :- निवासियों को था इसके निर्माण का इंतेज़ार

बजट फ्लैट्स शब्द का इस्तेमाल ज्यादातर कॉर्पोरेट कंस्ट्रक्शन कंपनियां करती है लेकिन आपको ठाणे जिले के नवी मुम्बई से करीब मुंब्रा के कोसा में इस तरह की बिल्डिंग देखने को मिल जाएगी जहां मध्यम वर्ग अपनी आवश्यकतों के अनुसार जीवन यापन कर सकता है। यही वजह है कि रोज ब रोज यहां की आबादी तेजी से बढ़ रही है।

हमेशा नियमों का पालन करना –

वास्तव में, पिछले तीन चार सालों में ग्राम पंचायत की भूमि पर निर्माण कार्य बन्द हो चुका है। अब सिर्फ थाना नगर नियम की अनुमति से बनने वाले प्रोजेक्ट ही लॉन्च हो रहे है। इसलिए टीएमसी प्रोजेक्ट में सभी दिशा-निर्देश का पालन किया जा रहा है। लेकिन आश्चर्यजनक बात यह है कि अब टीएमसी में भी ऐसी परियोजनाएं आ रही है जिसमें नियमों के पालन के बिना ही निर्माण कार्य शुरु हो जाता है। लेकिन इत्तेहाद बिल्डर्स और डेवलपर्स को यह गर्व हासिल है कि हमेशा निर्माण कार्यों में नियमों का पालन किया जाता है।

समय की पाबंदी का खास ख्याल 

इत्तेहाद बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के प्रबंध साझेदार शब्बीर खान मईशत से बातचीत करते हुए बताते है “’टीएमसी परियोजना मुंब्रा कोसा में सभी बिल्डर्स अच्छा काम कर रहे है। निर्माण-सामग्री या किसी भी अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित बिन्दुओं पर कोई सवाल नहीं उठा सकता लेकिन एक कमी जरुर है समय की पाबंदी का लिहाज नहीं रखा जाता परिणामस्वरुप लोगों को काफी निराशा होती है लेकिन ईश्वर की कृपा है कि हमें यह उपलब्धि हासिल है कि हम तय समय से पहले ही हम निर्माण कार्य पूर्ण कर लेते है ताकि खरीददार को परेशानी का सामना ना करना पड़े।”

वारावरण को खुशगवार बनाना

इत्तेहाद बिल्डर्स एंड डेवलपर्स की एसके रेजिडेंसी परियोजना के बारे में शब्बीर खान का कहना है कि उक्त परियोजना टीएमसी के नियमानुसार निर्माण की गई है और खास बात यह है कि खरीदारों को दिए गए समय से पूर्व ही इसका निर्माण किया जा चुका है। बस, अब निवासियों के आने का इंतेजार है। और इस बात का उल्लेख करना बेहद जरुरी है कि इस परियोजना ने इलाके में चार चाँद लगा दिए।

शब्बीर खान बताते है कि ज्यादा तर बिल्डर्स आमतौर पर मुनाफे पर ध्यान केंद्रित करते है परियोजना से आस-पास क्या प्रभाव पड़ेगा इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। लेकिन हमारी खासियत यह है कि हमारी इमारतें आस-पास के वातावरण को खुशगवार बनाती है।

एसके रेजिडेंसी के गुणों का उल्लेख करते हुए कहते है कि हमने गार्डन के लिए अच्छी खासी जगह छोड़ी है और एक खुबसूरत पार्क का निर्माण भी किया है जहाँ बच्चे शाम को खेल सकते है और सुबह आप लोग चहलकदमी करके खुद को स्वस्थ रख सकते है।

रियायती कीमत में रिहाईश संभव 

शब्बीर खान आगे बताते है कि “फ्लैट की कीमतें ऐसी है कि कोई भी सामान्य खरीदार बजट में रह कर खरीद सकता है। जब इसका निर्माण कार्य शुरु किया तो सोचा नहीं था कि इसे इतने जल्दी समाप्त कर देंगे। लेकिन अल्लाह का शुक्र है कि ना सिर्फ प्रोजेक्ट कम्पलीट हुआ बल्कि ज्यादातर फ्लैट बिक भी चुके है और जो बाकी है उसको खरीदने के लिए लोगों की लाईन लगी हुई है और हमारी भी यही मंशा है जल्द निवासियों को फ्लैट सौंप दिए जाए ताकि वो इस खुशगवार माहोल में जिन्दगी गुजार सके।“

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