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उत्तर प्रदेश के 88.57 लाख बच्चों को कौन करेगा टीकाकरण …??

By Maeeshat News

प्रदेश के बच्चों को जेई की गंभीर बिमारी से बचाने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र तथा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने टोलफ्री नम्बर व वेव साइट का उद्घाटन किया । जेई जैसी गंभीर बिमारियों की रोकथाम के लिये केन्द्र सरकार ने एक करोड़ वैक्सीन उपलब्ध करवाई है और ये अभियान 25 मई से शुरू कर 11 जून तक चलेगा जिसमें प्रदेश के 88 लाख 57 हजार बच्चों को जेई टीकाकरण किया जायेगा ।

स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 1977 में पहली बार जेई जैसी गंभीर बिमारी का पता चला पर जानकारियों के अभाव में टीकाकरण का कार्य बाधित रहा । सन् 1998 में गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया था और इस पर सदन में चर्चा भी की गयी थी ।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में जेई से कई मौते हुई थी । जेई टीकाकरण में 9 से 12 माह के बच्चों को पहली खुराक देना अति आवश्यक होता है और दूसरी खुराक 16 से 24 माह की आयु में दी जाती है । जेई जैसी गंभीर बिमारियों से बचने के लिये टीकाकरण के साथ आस पास के वातावरण की साफ-सफाई और जागरुकता भी महत्वपूर्ण होती है ।

अब सवाल ये उठता है कि योगी सरकार जेई टीकाकरण अभियान में 88 लाख 57 हजार बच्चों को खुराक देने और जागरुकता प्रदान करने की लम्बी चौडी डींग तो हॉक रही है परंतु सरकार ने ये नहीं बताया कि ये इतना बड़ा टीकाकरण अभियान चलायेगा कौन ? स्वास्थ्य मंत्री जेई की गंभीरता को दिखा जरूर रहे है पर ये गंभीर बिमारी का इलाज कौन करेगा । केन्द्र सरकार से मिली 1 करोड़ वैक्सीनों को कौन गॉव- गॉव पहुंचायेगा ?

योगी सरकार 1977 में जेई की बिमारी का पता चलने की बात कर रही है परंतु 1977 से सेवारत हुए जनस्वास्थ्य रक्षकों को भूल जाती है । सन् 2002 में केन्द्र सरकार द्वारा जनस्वास्थ्य रक्षक योजना को प्रदेश स्तर पर चलाने के लिये आदेश दिया गया पर आज तक प्रदेश सरकार ने जनस्वास्थ्य रक्षकों की बहाली नहीं की क्यों ? क्या सरकार के पास पूरे प्रदेश के प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों पर मानकानुसार चिकित्सक या नर्से है ?

जनस्वास्थ्य रक्षकों के एक प्रमुख संगठन कम्यूनिटी हेल्थ वर्कर एसोशिएसन के प्रदेश अध्यक्ष रघुपति सिंह ने जेई टीकाकरण अभियान पर प्रति क्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी घोषणा केवल कागजों पर आधारित है और इसमें योजना के अमलीकरण के विषय में कुछ भी नहीं बताया गया है । प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण और जागरुकता अभियान केवल जनस्वास्थ्य रक्षकों द्वारा ही चलाया जा सकता है क्योकिं सरकार के पास तो प्राथमिक चिकित्सालयों में स्टाफ की काफ़ी बड़ी संख्या में कमी है ।

वहीं रघुपति सिंह ने कहा कि आज स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सीएम योगी द्वारा टीकाकरण को लेकर सदन में उठाये गये सवाल की बात कर रहे है पर सच्चाई ये भी है कि योगी जी ने ही सबसे पहले जनस्वास्थ्य रक्षकों की बात उठाई थी । मुख्यमंत्री योगी द्वारा जनस्वास्थ्य रक्षक योजना को पुन शुरू करवाने के लिये 100 दिनों का समय मांगे जाने की बात बतातें हुए सिंह ने कहा कि सीएम ने हम लोगों को 100 दिनों का समय दिया है और हम लोग उनकें आश्वासन से संतुष्ट है ।

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